"यह कोई दुर्घटना नहीं, योजना है," आदित्य ने घोषणा की। "कोई दुनिया को तबाह करके नए सिरे से बसाना चाहता है।"
धरती का क्रोध
लेकिन अचानक, चीजें बिगड़ने लगीं। हिमालय की तलहटी में स्थित एक छोटे से गाँव, 'मैत्रीग्राम' में अचानक तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। कुछ ही घंटों में पूरा गाँव बर्फ में दफन हो गया। अगले ही दिन, राजस्थान के रेगिस्तान में बर्फीली आंधी आई, तो अमेज़न के जंगलों में भीषण बाढ़ ने सब कुछ बहा दिया। ये सिर्फ शुरुआत थी। geostorm in hindi
लेकिन असली झटका तब लगा, जब पता चला कि इस साजिश के पीछे उनका अपना साथी और सबसे करीबी दोस्त, डॉ. विक्रम राठौर था। विक्रम का मानना था कि मानव जाति पृथ्वी के लिए कैंसर है, और जियोस्टॉर्म उसका इलाज है। उसने डचमैन को प्रोग्राम कर दिया था कि अगले 48 घंटों में, पूरी दुनिया एक साथ कई जियोस्टॉर्म की चपेट में आ जाएगी – टोक्यो में सुनामी, न्यूयॉर्क में आग का तूफान, और दिल्ली में घातक बिजली के तूफान।
वर्ष 2050। जलवायु परिवर्तन ने दुनिया को तबाह कर दिया था। बाढ़, सूखा, भूकंप और भीषण तूफान आम बात हो चुके थे। इस आपदा से बचने के लिए दुनिया के सभी देशों ने मिलकर एक अंतरिक्ष मंच, "डचमैन" (Dutchman) बनाया। यह अनगिनत उपग्रहों का एक जाल था, जो पृथ्वी के मौसम को नियंत्रित करता था। "यह कोई दुर्घटना नहीं
यहाँ "जियोस्टॉर्म" (Geostorm) विषय पर हिंदी में एक मौलिक कहानी प्रस्तुत है:
आदित्य के पास बहुत कम समय था। उनके छोटे भाई, अर्जुन वर्मा (एक आईटी विशेषज्ञ और पूर्व सैनिक), ने ज़मीन से उनकी मदद करने का फैसला किया। अर्जुन ने पुराने इसरो केंद्र में एक गुप्त ट्रांसमीटर ढूंढा, जबकि आदित्य अंतरिक्ष में विक्रम का सामना कर रहे थे। geostorm in hindi
चरम क्षण आया। पूरी दुनिया ने टेलीविजन पर देखा: कैसे आदित्य ने अपने अंतरिक्ष यान को डचमैन के मुख्य रिएक्टर से टकराने का जोखिम उठाया। उनकी आँखों में आँसू थे, क्योंकि विक्रम अब भी उनका दोस्त था, लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्य को पहचाना।