मिस्र की धरती पर फिरौन रामसेस का शासन था। उसके राज्य में इब्रानी (यहूदी) लोग गुलाम थे। उन पर बोझ ढोने वाले ऊँटों से भी ज्यादा कठोर काम लिया जाता था। उसी समय एक भविष्यवाणी हुई थी—एक इब्रानी बालक मिस्र के सिंहासन को हिला देगा और अपने लोगों को मुक्त कराएगा।
मूसा बड़ा होकर एक शक्तिशाली राजकुमार बना। वह मिस्र की सेना का सेनापति था, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि वह असल में इब्रानी है। एक दिन उसने देखा कि एक मिस्री सिपाही एक बूढ़े इब्रानी गुलाम को पीट रहा है। मूसा का खून खौल उठा। उसने उस सिपाही को मार डाला। जब इस बात की खबर फिरौन (अब रामसेस द्वितीय) तक पहुँची, तो उसने मूसा को मौत की सजा सुना दी। मूसा को रेगिस्तान भागना पड़ा। the ten commandments movie in hindi
"मूसा! अपने जूते उतार, क्योंकि तू पवित्र भूमि पर खड़ा है। मैं तेरे पिताओं का परमेश्वर हूँ। मैंने अपने लोगों का दुख देखा है। अब तू जा, फिरौन से कह कि मेरे लोगों को जाने दे।" एक गुलाम बच्चा
वह मिद्यान देश पहुँचा, जहाँ उसकी मुलाकात जेथ्रो नामक एक याजक से हुई। उसने जेथ्रो की बेटी सिप्पोरा से शादी कर ली और एक साधारण गड़रिए के रूप में रहने लगा। एक दिन वह अपनी भेड़-बकरियों को होरेब पर्वत पर ले गया। अचानक उसने देखा—एक झाड़ी आग से जल रही थी, लेकिन वह जलती नहीं थी। तभी आकाशवाणी हुई: the ten commandments movie in hindi
और इस तरह, एक गुलाम बच्चा, एक राजकुमार, एक गड़रिया, आखिरकार इतिहास का सबसे बड़ा नेता और व्यवस्थादाता बन गया। उसकी कहानी आज भी हर उस व्यक्ति को प्रेरणा देती है जो अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाना चाहता है।
इब्रानी लोग मिस्र से निकल पड़े। वे लाल सागर के किनारे पहुँचे, तभी पीछे से धूल उड़ती दिखी—रामसेस ने अपना फैसला बदल लिया था और अपनी पूरी सेना लेकर आ रहा था। इब्रानी घबरा गए: "मूसा, क्या मरने के लिए ही तू हमें ले आया?"
रामसेस ने अपने ही बेटे को खोया। रातों-रात उसने आदेश दिया: "जाओ! यहाँ से चले जाओ!"